महंगा दिखने की विलासिता: ब्रांडेड बेवकूफी का मास्टरक्लास
महंगा दिखने की विलासिता : ब्रांडेड बेवकूफी का मास्टरक्लास English Version: https://rakeshinsightfulgaze.blogspot.com/2026/04/the-luxury-of-looking-expensive.html कभी एक समय था जब औद्योगिकीकरण का सीधा सा उद्देश्य था चीजों को सस्ता बनाना ताकि ज्यादा लोग उन्हें खरीद सकें। बेहतर उत्पादन , कम लागत , बेहतर जीवन। यही सोच थी। फिर ब्रांडिंग आई , और चुपचाप सब कुछ पटरी से उतर गया। अचानक वही शर्ट सिर्फ शर्ट नहीं रही। वह “ स्टेटमेंट ” बन गई। बेहतर कपड़े या कारीगरी की वजह से नहीं , बल्कि इसलिए कि उसे किसी “ महत्वपूर्ण ” व्यक्ति ने पहना। मूल्य बदल गया उत्पाद से हटकर व्यक्ति पर टिक गया। बधाई हो , हमने तर्क को हटाकर लोगो को स्थापित कर दिया। और असली कमाल यह है कि सबसे ज्यादा पैसा कमाने वालों का उस उत्पाद को बनाने से कोई लेना - देना ही नहीं होता। भारत में यह एक नई तरह का प्रदर्शन बन चुका है। सोशल मीडिया खोलिए और आपको करोड़पति लोग अपनी हर चीज़ की कीमत बताते मिल जा...