जब हम दरारों को अनदेखा करते हैं, तो पतन हमारा ही होता है
जब हम दरारों को अनदेखा करते हैं , तो पतन हमारा ही होता है English Version: https://rakeshinsightfulgaze.blogspot.com/2026/02/when-we-ignore-cracks-we-deserve.html जिम्मेदार शासन कैसा दिखता है , यह समझने के लिए कभी - कभी यह देखना जरूरी होता है कि उसके विफल होने पर क्या होता है। इतिहास बार - बार एक ही पैटर्न दिखाता है : जब संपत्ति कुछ हाथों में सिमट जाती है , जब छोटी - छोटी भ्रष्टाचार की घटनाओं को नज़रअंदाज़ किया जाता है , और जब जनता की निराशा का समाधान नहीं होता , तब राजनीतिक चरमपंथ को अवसर मिलता है। अस्थिरता अचानक नहीं आती। वह परत दर परत बनती है। दुनिया के कई देशों में असमानता और नैतिक गिरावट की भावना ने तीखे राजनीतिक मोड़ से पहले ज़मीन तैयार की है। जब संस्थाएँ कमजोर दिखने लगती हैं और नेता जवाबदेह नहीं लगते , तब मतदाता कठोर विकल्पों की तलाश शुरू कर देते हैं। भारत में नरेंद्र मोदी का उभार अलग - थलग घटना नहीं था। यह उन वर्षों के बाद आया जब ...