मच्छरों, मिथकों और सुविधाजनक कथाओं की आरामदायक दुनिया
मच्छरों , मिथकों और सुविधाजनक कथाओं की आरामदायक दुनिया English Version: https://rakeshinsightfulgaze.blogspot.com/2026/04/of-mosquitoes-myths-and-comfort-of.html https://rakeshinsightfulgaze.blogspot.com/2026/03/the-game-of-mosquitoes-and-humans.html कुछ दिन पहले मैंने मच्छरों पर एक सरल कविता लिखी। वह न नीति थी , न राजनीति। वह व्यंग्य था। लेकिन उस पर आई प्रतिक्रिया ने कविता से ज्यादा हमारे समय के बारे में बता दिया। Narendra Modi के कुछ समर्थकों ने तुरंत उसे खारिज कर दिया और कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के बाद भारत में मच्छरों की समस्या अब रही ही नहीं। ज़रा इस पर ठहरकर सोचिए। एक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या जो दुनिया के कई देशों को प्रभावित करती है उसे इतनी आसानी से “ समाप्त ” घोषित कर दिया गया। यह आशावाद नहीं है। यह इनकार है। इसलिए बहस करने के बजाय , मैंने देखने का फैसला किया। एक सरकारी दफ्तर के अंदर मच्छर पकड़ने वाली मशीनें लगी थीं लगातार भनभनाती ह...