नेतृत्व, वादे और अनुत्तरित सवालों की कीमत
नेतृत्व, वादे और अनुत्तरित सवालों की कीमत English Version: https://rakeshinsightfulgaze.blogspot.com/2026/04/leadership-promises-and-cost-of.html क्या नरेंद्र मोदी देश की हर समस्या के लिए जिम्मेदार हैं? नहीं। कोई भी एक व्यक्ति, चाहे वह कितनी भी बड़ी शक्ति क्यों न रखता हो, किसी राष्ट्र की सभी समस्याओं को हल नहीं कर सकता। नेतृत्व का अर्थ हर समस्या को तुरंत हल करना नहीं है। उसका अर्थ है एक स्पष्ट दृष्टि देना और देश को उस दिशा में आगे बढ़ाना। और यहीं से असली सवाल शुरू होता है। 2014 में वह दृष्टि क्या थी? वादे बड़े थे और उन्होंने लोगों को प्रभावित किया। स्विस बैंकों से काला धन वापस लाने की बात की गई, इतना कि हर नागरिक के खाते में 15–20 लाख रुपये आने की उम्मीद दिखाई गई। हर साल 2 करोड़ नौकरियाँ पैदा करने का वादा किया गया, गरीबी खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम। और फिर वह नारा “सबका साथ, सबका विकास।” एक ऐसा संदेश जिसने हर धर्म, हर वर्ग के व्यक्ति को यह विश्वास दिलाया कि विकास सबके लिए होगा। उस समय देश ने भरोसा किया। लेकिन शासन नारे से नहीं, परिणाम से तय होता है और निरंतरता से भी।...