दलबदल और जवाबदेही: लोकतंत्र में जनविश्वास का प्रश्न
दलबदल और जवाबदेही: लोकतंत्र में जनविश्वास का प्रश्न English Version: https://rakeshinsightfulgaze.blogspot.com/2026/04/defections-coercion-and-rule-of-law.html AAP से जुड़े सात राज्यसभा सदस्यों के दूसरे राजनीतिक दल के साथ जाने की खबरों ने भारतीय राजनीति में जवाबदेही और जनविश्वास को लेकर चिंता को फिर से केंद्र में ला दिया है। ऐसे घटनाक्रम एक बुनियादी सवाल खड़ा करते हैं: जब जनप्रतिनिधि सत्ता में आने के बाद अपनी निष्ठा बदलते हैं, तो उस विश्वास का क्या होता है जिसके आधार पर वे उस पद तक पहुँचे? जनप्रतिनिधियों की वैधता केवल औपचारिक प्रक्रिया से नहीं, बल्कि उन पर जताए गए भरोसे से भी आती है। राज्यसभा के संदर्भ में, जहाँ सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं, यह संबंध और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। जब कार्यकाल के दौरान यह निष्ठा बदलती है, तो इसे उस मूल जनादेश से विचलन के रूप में देखा जाता है जिसके आधार पर पद प्राप्त किया गया था। इसी कारण अब अधिक कड़े कदमों की मांग उठ रही है। कई लोगों का मानना है कि जिस दल के आधार पर कोई प्रतिनिधि चुना गया हो, उसे छोड़ने के बाद उसे उस पद पर बने...