एक ऐसा राष्ट्र जहाँ भ्रष्टाचार की पूजा होती है और कानूनों की अनदेखी की जाती है
एक ऐसा राष्ट्र जहाँ भ्रष्टाचार की पूजा होती है और कानूनों की अनदेखी की जाती है English Version: https://rakeshinsightfulgaze.blogspot.com/2026/04/a-nation-where-corruption-is-worshipped.html एक समय ऐसा आता है जब भ्रष्टाचार छिपा हुआ नहीं रहता , बल्कि खुलेआम काम करने लगता है। और जब यह न्यायपालिका के भीतर होने लगे , तो इसके परिणाम केवल गंभीर नहीं होते , बल्कि खतरनाक होते हैं। जस्टिस स्वर्णा शर्मा का मामला ठीक उसी मोड़ को दिखाता है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बिना दूसरी पक्ष की सुनवाई किए मात्र दस मिनट से भी कम समय में फैसला सुना दिया। यह कोई साधारण प्रक्रिया की गलती नहीं है। यह न्याय के सबसे बुनियादी सिद्धांत दोनों पक्षों को सुनने के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। अदालत कोई औपचारिकता निभाने की जगह नहीं है। जब फैसले पहले ही तय हों और सुनवाई केवल दिखावा बन जाए , तो पूरी न्यायिक प्रक्रिया का अर्थ खत्म हो जाता है। मामला यहीं खत्म नहीं होता। हितों के ...