सम्मान/ईश्वर की इच्छा: हारे हुए तर्क का अंतिम सहारा
सम्मान/ईश्वर की इच्छा: हारे हुए तर्क का अंतिम सहारा English Version: https://rakeshinsightfulgaze.blogspot.com/2026/06/respectgods-will-last-refuge-of-lost.html सम्मान किसी भी भाषा का सबसे सुंदर शब्दों में से एक है। लेकिन सम्मान ईमानदारी, बुद्धिमत्ता, सत्यनिष्ठा और चरित्र से अर्जित किया जाता है असहज प्रश्नों से बचने के लिए ढाल की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाता। हाल ही में मुझे कहा गया कि राम मंदिर विवाद से जुड़े गंभीर प्रश्नों को केवल इसलिए नज़रअंदाज़ कर दूँ क्योंकि कुछ लोगों की राजनीतिक सोच अलग है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। तब मेरे मन में यह प्रश्न उठा कि क्या "सम्मान" शब्द धीरे-धीरे हर उस व्यक्ति का सहारा बनता जा रहा है जिसके पास तर्क समाप्त हो जाते हैं। वर्षों तक भाजपा ने भगवान राम को अपने सबसे शक्तिशाली भावनात्मक प्रतीकों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया। करोड़ों हिंदुओं से राम मंदिर निर्माण के नाम पर एकजुट होने की अपील की गई। लोगों ने अपनी आस्था के साथ धन, सोना, चाँदी, आभूषण और अन्य भेंटें अर्पित कीं क्योंकि उन्हें विश्वास था कि वे एक पवित्र कार्य में योगदान दे र...