वे आँकड़े जो भाजपा को बेचैन करते हैं
वे आँकड़े जो भाजपा को बेचैन करते हैं English Version: https://rakeshinsightfulgaze.blogspot.com/2026/09/the-numbers-that-make-bjp-nervous.html वर्षों से भाजपा नरेंद्र मोदी को उस व्यक्ति के रूप में पेश करती आई है जिसने भारत की अर्थव्यवस्था को बदल दिया। लेकिन नारे लगाना आसान है; आँकड़े बड़े ज़िद्दी होते हैं। जब 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी ने सत्ता छोड़ी, तब भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 0.7 ट्रिलियन डॉलर की थी। जब 2014 में डॉ. मनमोहन सिंह ने सत्ता छोड़ी, तब यह लगभग 2.07 ट्रिलियन डॉलर हो चुकी थी, यानी उन्हें विरासत में मिली अर्थव्यवस्था से लगभग तीन गुना। मोदी के ग्यारह वर्षों से अधिक के शासन के बाद भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँची, यानी मोदी को जो अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी, वह अभी दोगुनी भी नहीं हुई। मोदी के शासन में भारत निश्चित रूप से आगे बढ़ा, लेकिन फिर सवाल यह है, आख़िर वह आर्थिक चमत्कार कहाँ है? कर्ज़ के आँकड़े इस कहानी को और भी असहज बना देते हैं। 2014 में केंद्र सरकार का कर्ज़ और देनदारियाँ लगभग ₹55 लाख करोड़ थीं। सरकारी अनुमानों के अनुसार मार्च 202...