भारत का असली रूप

 

भारत का असली रूप



भारत की विशेषता उसकी विविधता में निहित है। यह देश अनेक धर्मों, भाषाओं, परंपराओं, और संस्कृतियों का संगम है। यहाँ के लोगों का जीवन, उनकी कला, उनकी आस्था, और उनके त्योहार भारत के असली रूप को दर्शाते हैं। इस देश की मिट्टी में इतिहास के साथ-साथ आधुनिकता की छाप भी देखी जा सकती है। भारत अपनी अनूठी भूगोलीय विशेषताओं, जैसे कि हिमालय की ऊँचाई से लेकर समुद्र तटीय प्लेन्स तक, विविध जलवायु और जैव-विविधता के साथ एक जटिल और आकर्षक तस्वीर पेश करता है।

लेकिन कुछ हकीकत यह भी है:

कुछ लोग चोर होते हैं, धोखा देते हैं, यह हम सब जानते हैं। लेकिन जब हम जानते हुए भी इन लोगों पर बार-बार भरोसा करते हैं, तो मुझे लगता है कि समस्या हममें है। मैं कह सकता हूं कि मोदी ने देश का काफी बुद्धू बनाया, लेकिन क्या सच में उसने इतनी आसानी से 140 करोड़ लोगों का बुद्धू बनाया? लगता है कुछ मुद्दे हैं जिनके जवाब हम चाहते हैं, और जो कमजोर थे उन्हें सपना दिखाकर काम चला दिया। मोदी ने चीन और पाकिस्तान का ऐसा इस्तेमाल किया, जिससे बड़े-बड़े पंडित भी उसके झमेले में आ गए।

लगता था कि मोदी से अधिक मजबूत प्रधानमंत्री कोई हो नहीं सकता, मगर यह तो मूर्ख निकला जिसने चीन के आगे घुटने टेक दिए और भारत की जमीन भी खो दी। पाकिस्तान ने अपना घर ठीक कर लिया और अच्छी अर्थव्यवस्था करके अपने लोगों का जीवन सुधार दिया। मोदी को तो राजनीति आती है और ही कूटनीति, जब इंसान पढ़ा-लिखा हो, और उसका ज्ञान साधु-संतों या ठगों से आया हो, तो उसे चीन जैसे शातिर दिखते नहीं हैं। ऊपर से दोस्तों की फैक्ट्रियाँ खुलवानी थीं तो देश पीछे रह गया। लेकिन ये पढ़े-लिखे BJP अनुयायी इस बात को समझ क्यों नहीं पा रहे हैं। जो ग्लोबल राजनीति है, वह भारत को कमजोर बनाना चाहती है ताकि सस्ते मजदूरों का फायदा ले सके। हाँ, यह तो अडानी और अंबानी भी चाहते हैं। हजारों सालों से दिखता है कि भारत में इंसान की कदर नहीं है। मनुस्मृति बनाकर करोड़ों लोगों का ब्रेनवॉश किया गया और उन्हें अपना हक़ न मांगने के लिए तैयार किया गया। कई तरह के भगवान बना दिए गए और इसी में लोगों के चक्कर लगवा दिए।

लोगों को मूर्ख बनाने के लिए यहाँ तक कि उन्हें विश्वास दिला दिया गया कि ये ठग ब्राह्मण पत्थर में जान डाल सकते हैं और उसे भगवान बना सकते हैं ताकि लोगों को हर दिन लूटो और इसी चक्कर में उन्हें घुमाते रहो। लेकिन यह सब अब नहीं चलेगा। दुनिया छोटी हो चुकी है और समझ में आने लगा है कि हमारा बुद्धू बनाया गया है और अब दुनिया हक मांगेगी, और जब यह दुनिया हक मांगेगी, तब भारत में लोगों को समझ आएगा कि असली नेता कौन होते हैं, वो जिन्होंने पहले दिन से विद्या को सलाम किया और भारत को शिक्षित बनाने के रास्ते पर डाला, न कि वो जिन्होंने घंटा बजाया और मंदिरों में बत्तियों को नचाया।

इस चुनाव में इस सोच को हराना बहुत जरूरी है, कहीं ऐसा न हो कि एक दिन तुम अपने ही देश में अपने ही लोगों से लड़ोगे जब वो अपना हक मांगेंगे। यह जो सोच है कि लोग मेरे लिए मुफ्त में काम करें, छोड़ दो इसे जल्दी, वरना बहुत पछताओगे।


Comments

  1. कांग्रेस की भक्ति छोड़ दो लगता है इतिहास ढंग से पढा नहीं

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    1. लगता है तुम भी घंटा बजाने वालों में से हो।

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  2. विदेश में रह कर भारत की संस्कृति को भूल गए हो

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    1. यही तो भारत की असली संस्कृति है, जो गलत को गलत कहने का साहस देती है। भारत में रहने वालों की तो लगता है मोदी ने रीढ़ की हड्डी ही निकाल दी है। मेरे पोस्ट में एक भी चीज़ गलत बता दो तो मान जाऊंगा तुममें थोड़ी सी भी बुद्धिमत्ता है। पर्दे के पीछे छुप कर बात मत करो, हिम्मत है तो अपना नाम और चेहरा भी दिखाओ दुनिया को। हम विदेश में रहते हैं, उसके बावजूद भी डंके की चोट पे रहते हैं।

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  3. आप ने जो भी लिखा है बो सब गलत लिखा है आप विदेश में रह कर अपनी संस्कृति भूल चुके हैं,

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    1. लगता है कि आप कायर हो जो छिप कर कमेंट डालते हैं, जिन्हें सच का ज्ञान व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से मिला है। क्या आप जानते हैं कि यह व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी कितनी पुरानी है और कौन इसे चलाता है? मूर्खों को ज्ञान देना वैसे भी व्यर्थ है, इसलिए कृपया आप मेरा ब्लॉग छोड़ दीजिए क्योंकि इसमें जो हम लिखते हैं उसके सच होने के प्रमाण हैं।

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    2. जो आदमी दूसरो को मूर्ख समझता है बो अपने आप कितना बड़ा मूर्ख है जिन को अपने देश से प्रेम नहीं होता बही लोग फालतू की बाते बनाते ,

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    3. I just posted a blog that I want you to read. Nation Builders Vs Nation Sellers using real information and not from the WhatsApp University

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  4. Made one correction to the picture, if that triggered comments from the anonymous person, please check it now. I meant to say देश को बेचने वाले

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