भारतीय संस्कृति और अंधविश्वास

 

 भारतीय संस्कृति और अंधविश्वास


पाखंड और पाखंडी

भारत की संस्कृति का तकाजा देकर ये पथभ्रष्ट लोग हम भारतीय संस्कृति वाले लोगों से कहते हैं कि विदेश में जाकर हम अपनी संस्कृति ही भूल गए हैं। फिर याद दिलाना पड़ता है कि हम उन पंडितों में से हैं जो वेदों का अभ्यास करते हैं, पर प्रचार नहीं करते।

फिर याद दिलाना पड़ता है इन ढोंगियों को कि मूर्ति पूजा और वैदिक सभ्यता में कोई भी संबंध नहीं है। अगर मंदिरों की पुष्टि की जाए तो पता चलेगा कि यह सब पाखंड बुद्ध और जैन धर्म के बाद शुरू हुआ। भारत में पहले एक इंसान को भगवान बना देना बुद्ध और जैन धर्म के लोगों ने शुरू किया, उसके बाद यह यूरोप और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में देखने को मिला। रचनात्मक लेखकों ने दिलचस्प कहानियां बनाईं जो कथावाचकों द्वारा लोगों को सुनाई गईं, और लोग इन कहानियों में वर्णित अच्छे पात्रों की पूजा करने लगे जो जनता के नायक बन गए। जब सत्ता में बैठे लोगों ने इस व्यवहार को देखा, तो उन्होंने इन नायकों के लिए मंदिर बनवाए और उन्हें देवताओं में परिवर्तित कर दिया।

भारत में करोड़ों लोग इस अंधविश्वास के चक्कर में घूम रहे हैं, और कुछ लोगों के इशारों पर गंदगी फैला रहे हैं। यह जानते हुए भी कि अंधविश्वास फैलाने वालों ने लोगों को इस हद तक ब्रेनवॉश कर दिया है कि वे अपनी बेटियों को भी इन मंदिरों में दान कर देते हैं, यह प्रथा अब तक जारी है। इसे देवदासी प्रथा कहते हैं।

अब मोदी को ही देख लो और उसके अंधभक्तों को जो उसे अभी से भगवान समझने लगे हैं। मोदी ने उन सभी अंध भक्तों को धर्म की राजनीति में शामिल कर लिया, वरना ये अंध भक्त ऐसे ही भटकते रहते। अब इनको मोदी मिल गया तो अब ये भारतीय संस्कृति के बारे में बात करते हैं, यह जानते हुए कि मोदी ने शादी करके भारतीय संस्कृति की वाट लगा दी। सबसे झूठा आदमी मगर मछली की तरह आँसू बहाता है और कहता है कि मैंने कभी भी देश को धर्म के नाम से नहीं बाँटा, जिसको सुनकर इसके अपने साथी हँसते हैं। और कितने प्रूफ चाहिए कि मंदिर कैसे बने और यह सब ढोंग कैसे बने। अभी भी अंधे हो तब तुम्हारा कोई इलाज नहीं।

Comments

  1. Vote should be give on the basis of how one has made everyone's life easy, productive and futuristic. Not on the basis of the basis that Modi has made it possible to build Ram mandir etc etc. now, I think India and youth are well aware of Modi's tricks and ghotalas, and I hope they will take right decision and bring Rahul Gandhi as our new prime minister 👍👍

    ReplyDelete
    Replies
    1. I truly hope you are right and it comes through, for a change having an educated PM for India will uplift its image around the world.

      Delete

Post a Comment

Popular posts from this blog

How We Turned an Abstract God into Concrete Hate

Distraction as Governance: How a Scripted National Song Debate Shielded the SIR Controversy

Superstitions: Where Do They Come From, and Why Do People Believe in Them?