अंध भक्ति का सवेरा (by Rakesh Sharma)

 

अंध भक्ति का सवेरा😢

जून की सुबह

मुझे मालूम है के गंजे के सर पर ऐसे ही बाल नहीं उगते, 

किसी बंजर जमीन में खेती करने के सवाल नहीं उठते।

कोशिश कर रहा हूँ इन अंध भक्तों को जगाने की, 

जो सुबह शाम बस मोदी के नाम पे उठते। 

कभी पूछा नहीं मोदी को कि उसने किया क्या अभी तक, 

इस महान देश को उसने दिया क्या है अभी तक? 

क्या महंगाई की मार हमपे खत्म हो गयी है? 

गरीबों की कमजोर हालत क्या अच्छी हो गई है?

किसानों की आमदनी आधी हो चुकी है, 

देश के उत्तरी भारत की बहुत सारी धरती गुलाम हो चुकी है।

सुना था मोदी जी बेरोजगार खत्म करेंगे, 

लेकिन अब लगता है ये तो रोजगार खत्म करेंगे। 

क्या पी रखी है मोदी जी जो यह कर रहे हो घोटाला? 

तुमने तो देखते देखते यह सारा देश बेच डाला। 

अरे यह चाय बेचने वाला बड़ा कमाल का निकला, 

देश भी बेच डाला पर अंध भक्तों का कोई सवाल नहीं निकला। 

देशभक्ति का पाठ ये सबको पढ़ाते हैं, 

दस लाख के सूट में गरीब आदमी को सबसे बड़ा देशभक्त बताते हैं। 

इन पत्थरों के पुजारियों को मिल गया यह घनचक्कर, 

पूजा करते हैं इसकी, इसको भगवान समझ कर। 

मोदी की यह अंधभक्ति एक दिन महंगी पड़ेगी, 

सच सामने जब आएगा तब असली सजा सहनी पड़ेगी। 

पूजा करो मोदी की अपने घर में बिठाकर, 

हमें बख्श दो, हमपे दया कर दया कर।


By 
Rakesh K Sharma

 

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