Breaking News: मोदी जी का मुजरा
मोदी जी का
मुजरा
कड़ी धूप में प्रचार करते, मोदी जी थोड़ा सठिया
गए,
मंगलसूत्र पर शुरू हुए थे, मुजरे पर वो आ गए।
काम धाम के नाम पर, कुछ नहीं मोदी को कहना है,
जहां जहां इंडिया जीत रहा है, लोगों को बहकाना
है।
गाय भैंस लेलेगे तुमसे, बैंक अकाउंट बंद करवाएंगे,
हो सकता है तुम्हारी जमीनें भी, अपने नाम करवाएंगे।
इन झूठों के भरोसे मोदी जी, असली चेहरा दिखा रहे,
लगता इस चुनाव में मोदी जी, बुरी तरह से हैं हार
रहे।
अब मुजरे का वक्त आ गया, मोदी जी को करके दिखाने
का,
इससे पहले कोई और पूछ ले, विपक्ष का नाम लगाने
का।
डांस रहे हैं मोदी जी अब, अंबानी अडानी के मुजरे
में,
जितना पैसा दे सकते हो देदो, लगाना है चुनाव लूटने
में।
अंबानी अडानी तय नहीं कर पा रहे, किसको पैसा दें
हम,
एक तो करता है हम जो कह दें, दूसरा कर देगा जेल
में बंद।
काला धन का लेबल हम पे, मोदी ने लगाया है,
टेंपों में भर-भर के पैसा, हमने इसे खिलाया है।
जाल में तो फंस चुका है हमारे, मोदी मुजरा करेगा,
अनपढ़ तो है यह मूर्ख, किसी से भी नहीं डरेगा।
थोड़े दिन ही पहले इसने, दुनिया को एक और जुमला
सुनाया है,
माँ से पैदा नहीं हुआ हूँ मैं, खुदा ने मुझे भजवाया
है।
मूर्ख हैं सब साथी इसके, विश्वास इसका जो करते
हैं,
झूठ चाहे ये जितना भी कह दे, इस पर सब वो मरते
हैं।
बुराई कोई नहीं है उनको दिखती, इसके झूठे तरानों
में,
उन सबको इसमें खुदा है दिखता, कुछ गलत नहीं लगता
इसके बहानों में।
नशे में डूबे बैठे हैं सभी, उन सबसे वो डरते हैं,
लूटा है सदियों से जिनको, अब सपनों में भी वो सब
दिखते हैं।
मोदी ने डराकर इन सबको, गुलाम अपना है बना लिया,
डर का यह खौफ़नाक चश्मा, उन सबको है पहना दिया।
मुजरा करते हैं मोदी जी हर दिन, झूठे सपनों के
वादों से,
ताल मिले या न मिले मोदी जी की, हटेंगे नहीं इन
इरादों से।
डुबो दिया है देश को इन्होंने, कर्ज की गहरी धारों
में,
जागो देशवासियों मेरे, कुछ सच नहीं है इसके नारों
में।
By
Rakesh K Sharma
Scene from Modi's Mujra
अब चिंता है कि आप पोस्ट भी नहीं कर सकते हैं कयोंकि अदालते तक उनके लिए काम कर रही हैं।
ReplyDeleteठीक कहते हो, पर हर इंसान के पास चॉइस है, या डर जाए रहो, या आवाज़ उठाओ। अगर शहीदों ने आवाज़ न उठाई होती तो हम अभी भी गुलाम रहते।
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