परिवार वाद
परिवार
वाद
चिल्ला-चिल्ला कर मोदी जी
कोसते हैं परिवारवाद को,
तंज कसते हैं सोनिया-राहुल पर,
जिस परिवार ने बलिदान दिए देश पर।
हजारों सालों के वाद अब याद आए इन्हें,
परिवारवाद का नारा अब
पूरा जाति सिस्टम परिवार नाम पर बना देश
में।
ऐसा दर्द कहाँ था तब,
परिवारवाद के नाम पर बातें करते,
मोदी जी बड़े गुस्से में लगते हैं,
सात फेरों के बाद ठुकराया पत्नी को,
औरों के परिवारों के ठेकेदार बनते हैं।
जिस परिवार ने देश को महान बनाया,
जनता उनके बलिदानों को जानती है,
किसको वोट देना है जनता को,
वो उसे अच्छी तरह से पहचानती है।
बार-बार परिवारवाद चिल्ला कर,
शेरों के परिवार नहीं भागते हैं,
बलिदान दिए हुए हैं जिन्होंने,
वो मैदान में आकर ललकारते हैं।
ऐसा क्यों लगता है हमको,
मोदी जी इस परिवार से डरते हैं,
राहुल-प्रियंका जब खड़े हो जाएँ,
इनके पसीने छूट जाते हैं।
कई कोशिश कर चुके हैं मोदी जी,
राहुल को जेल भिजवाने में,
सच का साथ जब सब देते हैं,
मोदी जी रह जाते हैं मात खाने में।
इतना छोटा कभी नहीं देखा,
देश के किसी भी प्रधान को,
जो कुर्सी छोड़ कर जाना नहीं चाहता,
बार-बार चूमता है लोगों के पाँव को।
परिवारवाद वालों ने तो लात मारी थी,
इस कुर्सी को मैदान में,
सिंहासन पे बिठा दिया मनमोहन जी को,
शान बड़ी थी सारे जहाँन में।
चोरों का तो एक तरीका,
चिल्ला कर ध्यान भटकाना है,
जनता मूर्ख बन जाती है,
देश का धन चुराना है।
मोदी जी तो मास्टर हैं,
इन सारे कारनामों में,
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी चलाई देश में,
जगह-जगह झूठ फैलाने में।
परिवारवाद के नाम पर,
मोदी चुप रहें तो अच्छा है,
चोरों का परिवार इकट्ठा किया है इन्होंने,
जिसके मुखिया मोदी जी हैं।
_राकेश शर्मा_
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