धर्म का अपमान
धर्म
का अपमान
सनातन धर्म के सम्मान में
चार शंकराचार्य जी कुछ ऐसा बोले थे,
राम के उन ठेकेदारों के
कई पोल उन्होंने खोले थे।
प्राण प्रतिष्ठा किसी मंदिर की
हो सकती नहीं अधूरे में,
जो इस बात को इंकार करेगा
मिल जाएगा कुदरत के कूड़े में।
मोदी का अहंकार तो देखो,
माना नहीं धर्म के कानूनों को,
अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करवा
डाली
भूला दिया धर्म के असूलों को।
कहर पड़ेगा उन बंदों पर
राम को जिन्होंने बेचा है,
धर्म का इस्तेमाल राजनीति में करना
देश के साथ यह धोखा है।
राम को बदनाम करके
मोदी ने जो घाव दिए,
अयोध्या ने अब उसके बदले
मोदी के बंदे हरवा दिए।
मोदी के कुकर्मों से
धर्म पे अब विश्वास उठा,
बिहार में अब मोदी जी को
जूते का पुरस्कार मिला।
शंकराचार्य जी ने सबको कहा था
गलत कामों का फल मिलता है,
ज्यादा देर लगी नहीं दुनिया को
अब ये सबको दिखता है।
ताज तो अब भी है सिर पे
पर मोदी का बुरा हाल है,
पाँव चूमने पड़ रहे हैं उन सबके
जिनसे खफा सारा मोदी परिवार है।
इतना लाचार किसी को न देखा
हम देख रहे हैं मोदी को,
सपने में भी नहीं सोचा होगा
कि ये गालियां देगा योगी को।
_राकेश शर्मा_
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