धर्म का अनादर
धर्म
का अनादर
धर्म का पालन करते हैं जो,
भगवान में आस्था रखते हैं,
कुछ लोग ये सब जानते हुए
आस्था का दुरुपयोग करते हैं।
राम या जागरण के नाम पे,
चंदा इकट्ठा करते हैं,
सब चंदा इकट्ठा करके
बड़ी धूमधाम से पार्टी करते हैं।
असली अनादर धर्म का तब होता है,
जब गुंडों के बल पे धर्म चला,
इनको आवाज़ लगाकर कह दें अगर
तुम सारे धर्म के दुश्मन हो।
उस देश में हिम्मत कौन करेगा,
प्रधान ही जिसका ये सब करता है,
वो राम नाम के नाम पे
उस देश में धंधा करता है।
राम नाम के नाम पे
करोड़ों का चंदा इकट्ठा किया,
डेमोक्रेसी के नाम पे
इलेक्शन में इस्तेमाल किया।
मंदिर के आगे पीछे की
जमीनें दोस्तों में बेच डालीं,
वहाँ रहने वाली जनता को
भीख की थाली पकड़ा डाली।
असली अपमान तो धर्म का
शास्त्रों में इसको कहते हैं,
और ये ढोंगी ही हैं जो धर्म के नाम पे
एक-दूसरे को लड़वाते हैं।
_राकेश शर्मा_
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