खेल का जुनून
खेल का जुनून
कभी-कभी हमें लगता है ये,
खेल में लोग पागल हो जाते हैं।
ग्यारह खिलाड़ी मैदान में होते हैं,
और देशों को हारवा जाते हैं।
खेलों में अगर देश खेलते,
छोटे देश जीत ना पाते कभी।
ओलंपिक में तब सारे मेडल,
भारत और चीन जीत ले जाएं सभी।
पर ऐसा कभी ना देखा हमने,
अमेरिका, रूस बाजी मार जाते हैं।
कभी-कभी तो बहुत ही छोटे देश भी,
मेडल जीत ले जाते हैं।
पाकिस्तान और भारत जब खेलते,
युद्ध क्षेत्र सा बन जाता है।
कभी-कभी तो यूं लगता है,
मोदी वहां खुद खेलने आता है।
नवाज शरीफ को खेलते नहीं देखा,
किसी भी खेल के मैदान में।
यह कैसा युद्ध है यारों,
जिससे हम सारे परेशान हैं।
हार के बाद टूट जाते हैं इतने,
टेलीविज़न पाकिस्तान में।
छाती पीट कर फैंस रोते,
पूरे पाकिस्तान में।
तरस आता है उन खिलाड़ियों पे मुझको,
जो खेलते हैं पाकिस्तान में।
हारने पे इतनी गालियाँ हैं पड़ती,
उनको सारे जहान में।
हे अल्लाह, तू कहाँ बैठा है,
इन बच्चों पे रहम कुछ कर दे तू।
तेरी जन्नत के ये परिंदे,
इनसे थोड़ी मोहब्बत कर ले तू।
_राकेश शर्मा_
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