जनता के दिल की सुनो
जनता के दिल
की सुनो
मोदी के बाजार में, बिकता है सब कुछ
डेमोक्रेसी है सेल पे, इनसे पूछो न बिलकुल
जनता ने वोट दिए थे, सोचा था कुछ होगा अब उनका
बिका हुआ है ज़मीर इनका, देश डूबे जाता है क्या
इनका
आओ चलके ढूंढें इन्हें, इनको जूतों से सजाना है
इनको गधे पे बिठा कर, पूरे शहर में घूमाना है
जनता की आवाज को इन्होंने, इतने सस्ते में बेचा
है
घिनौना काम जो किया इन्होंने, इनके पास इसका क्या
बहाना है
वोट जनता ने दिए थे, जनता के लिए कुछ करने के
पर इन वोटों की ताकत से, घर भर लिए अपनों के
गद्दार हैं ये, गद्दारी की है इन्होंने जनता से
पांच साल इंतजार कर नहीं सकते, निकालो इन्हें मारो
जूतों से
जिस दिन हम इस देश में, छोड़ देंगे पूजा करना नेताओं
की
उस दिन ये देश आगे बढ़ेगा, जोड़ देंगे उस दिन इस
देश को
_राकेश शर्मा_
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