जागो अंधकार से
जागो अंधकार
से
बड़े दिनों
से देख रहा हूँ,
जनता को
मैं यूँ परेशान।
हमने वोट
दिए थे जिनको,
उस पर
चाल चल गई महान।
सत्ता में जो आए हैं अब फिर,
किया है उन्होंने देश का नुकसान।
असफल हुई बाहर करने की कोशिश,
जनता अब भी है परेशान।
चोरी करना,
झूठ बोलना,
ये सब
इनको आता है।
हजारों साल की असली सभ्यता को भूल कर,
सिर्फ ब्राह्मणवाद से इनका नाता है।
लोगों को
झांसे में डाल कर,
कुछ भी
ये करवाते हैं।
पत्थर का
ये लिंग बनाकर,
उसको दूध
से नहलवाते हैं।
फिर एक
चाल चली इनहोंने,
कैसे शोषण
करें लड़कियों का।
ब्राह्मण को फिर पूज्य बताकर,
दान किया
गया दासी का।
दासी कृष्ण
की पूजा में
अब,
ब्राह्मण की इच्छाओं
का शिकार हुई।
कृष्ण ने
छुआ उसको बता कर,
समाज में
वो स्वीकार हुई।
इस घटिया
सोच को रीत बताकर,
सनातन को
ऐसे बदनाम किया।
उसी को
धर्म मानकर बीजेपी
ने,
हिंदुत्व का प्रचार
किया।
लोगों का
खूब मूर्ख बनाकर,
देश का
घनटा धार किया।
इन्होंने अब तक जो हिंसा
की है,
उससे इन्होंने
इनकार किया।
राहुल ने
जब कहा देश को,
हिंदू हिंसा
नहीं करता है।
पर बीजेपी
वाला हिंदुत्व यहाँ
पे,
केवल हिंसा
करता है।
सच बता
रहा था ये नेता
क्योंकि देश को इनसे बचाना
है
राजनीति है इनका असली धंधा
धर्म तो
एक बहाना है
कुछ ही पल में बीजेपी हिंदुत्व वाले,
सड़कों पे हिंसा करने आ गए।
अब हिंसा करी खूब उन्होंने,
राहुल का सच दिखा गए।
अब सोचो कुछ पल के लिए
तुम,
सच का
किससे नाता है।
बीजेपी ने
तो सब कुछ दिखा दिया,
झूठ ही इनका भ्राता है।
तुम कब सुधरोगे अब यारो,
अगर अब
भी समझ नहीं
पा रहे तुम।
ये लोग
असली दुश्मन हैं
तुम्हारे,
इनकी चालें
समझो तुम।
लूट रहे
हैं मिलकर तुमको,
आए हैं
जो गुजरात से।
धर्म के
नाम पे कर रहे हैं,
जनता को हमेशा गुमनाम ये।
धर्म के
धोखे में तो हम,
सदियों से
गुमराह हुए।
कब तुम
जागोगे इस नींद से भाई,
पहुँच चुकी है दुनिया चाँद पे।
पत्थर की
पूजा अब तक करते
हो,
पत्थर मत
बन जाओ तुम।
भगवान को
पाना चाहते हो
तो,
मन में
ध्यान लगाओ तुम।
_राकेश शर्मा_
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