सनातन धर्म का ज्ञान
सनातन धर्म
का ज्ञान
इस बार मोदी जी को लगा था ऐसा,
कुछ अद्भुत होने वाला था।
काम-वाम तो कुछ किया नहीं था,
अब वो ये सब कुछ कहने वाला था।
राम मंदिर बना दिया है हमने,
वादा जो हमने किया था कभी।
एक बार फिर से हमें ले आओ सत्ता में,
सनातन धर्म को बचाना है अभी।
चुनाव का स्लोगन मिल गया हमको,
मोदी ने सबको मिलके बता दिया।
सनातन की रक्षा करनी है हमको,
इसको अब चुनाव का मुद्दा बना दिया।
उठकर फिर बीजेपी वालों ने बोला,
चलो सनातन धर्म को बचाएँ हम।
चार सौ सीट इस बार मिल जाए हमको,
चल कर नया संविधान बनाएँ हम।
सनातन धर्म थोड़ा सोच में पड़ गया,
ऐसा किससे मुझको खतरा है?
मुझको बचाने के लिए अब इनको,
किस-किस को निपटना है।
सनातन के झूठे प्रचार के लिए,
चंदा गाय के कातिलों से लेते हैं।
सच तो इन्हें समझ नहीं आता,
ये झूठ की राहों पे चलते हैं।
मैं तो अमर, अटूट हूँ हमेशा,
न मरता हूँ, न निखरता हूँ।
जीवन हर इंसान के मैं,
शांति की धारा रखता हूँ।
खतरा तो मुझे कहीं दिखता नहीं,
पर इनको क्या समझाऊँ मैं?
जो राग द्वेष का है पाठ पढ़ाते,
सनातनी इनको कैसे बनाऊँ मैं?
खतरा मुझे उनसे लगता है,
जो मानवता को तोड़ते हैं।
जो अपनी खुद गरजी के लिए,
किसी से भी रिश्ता जोड़ते हैं।
जो मानवता को जानते हैं,
मैं उनको ये समझाता हूँ।
तुम भेदभाव अब छोड़ दो सब,
यही गीत मैं सबको सुनाता हूँ।
जो सनातन में विश्वास करें,
हर इंसान से तुम्हारा रिश्ता है।
अगर रक्षा मेरी तुम चाहते हो,
इंसानियत देता हूँ भिक्षा में।
© राकेश शर्मा
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