सबसे झूठा प्रधानमंत्री (मैं नहीं कह रहा, गूगल कहता है)

 

सबसे झूठा प्रधानमंत्री

(मैं नहीं कह रहा, गूगल कहता है)


जब हम छोटे थे तो हमारे माता-पिता और अध्यापक कहते थे कि अगर तुम चाँद पर थूकोगे, तो थूक तुम्हारे ही मुंह पर गिरेगा। ऐसा लगता है कि जब मोदी को ये बातें बताई गई होंगी, तो उसने इन्हें अनसुना कर दिया और आज उसने चाँद पर थूक दिया। उसे तो यह भी नहीं पता कि उसका पूरा मुँह उसके ही थूक से भरा हुआ है। जब उसने अपने घमंड में आकर राहुल गांधी, जो कि विपक्ष के नेता हैं, को लाल किले के भाषण के दौरान पीछे किया, तब पूरी दुनिया ने मोदी पर थू थू किया, क्योंकि यह उसकी मूर्खता का परिमाण दे रहा था। राहुल गांधी जिनमें घमंड नहीं है, वो तो राम चरण की दुकान पर भी जमीन पे बैठकर जूता सी लेते हैं, उन्हें फर्क नहीं पड़ता। कोई और होता तो वो शायद इस अवसर पर जाने से मना कर देता, पर राहुल ने ऐसा नहीं किया, क्योंकि ये भारत की आज़ादी का जश्न दिन था जिसे उसके पूर्वजों ने दिलवाई थी। वो भारत की आज़ादी का सम्मान करता है और चाहता है कि देश आगे बढ़े।

मोदी का घमंड इतना बड़ा है कि उसे लगता है सारी दुनिया उसे महान मानती है, जबकि सारी दुनिया उसका मजाक उड़ाती है। मोदी भक्तों को जो गोदी मीडिया से पता चलता है, वो उसी को सच मान लेते हैं। अगर आप Google पर सबसे मूर्ख प्रधानमंत्री के लिए खोज करें, तो मोदी का नाम सबसे पहले आता है क्योंकि वह प्रधानमंत्री बनने के बाद बहुत मूर्खता वाली बातें करता है, जैसे कि चलते हुए गंदे नाले से गैस निकाल कर चाय की दुकान चलाना, जब बादल हों, तब दुश्मन पर एयर स्ट्राइक करो ताकि हवाई जहाज रडार पर न आए, और गणित का फॉर्मूला जो अब तक सभी गणित के अध्यापकों को परेशान किए हुए है। यह लिस्ट इतनी लंबी है कि पूरी दुनिया इसीलिए उसे मूर्ख कहती है, जिसके लिए वह Google पर नंबर 1 है। चलो किसी चीज़ में तो यह नंबर 1 हुआ, लेकिन अफसोस इस बात का है कि उसने अपने साथ भारत को भी मूर्खता का दर्जा दे दिया। यह तो अच्छी बात है कि नेहरू जैसे नेताओं ने भारत में शिक्षा को महत्व दिया था, जिसके कारण दुनिया में भारत ने डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, वैज्ञानिक, टीचर्स, बिजनेस लीडर्स पैदा किए जिन्हें पूरी दुनिया जानती है, जिनकी वजह से हमारी इज्जत बनी हुई है।

लेकिन भारत के लोगों ने इसे तीन बार भारत का प्रधानमंत्री बनाया है, इसमें भारत में वोट डालने वालों की मूर्खता दिखती है। ऐसा लगता है कि भारत में ईस्ट इंडिया जैसी कंपनी ने भारत को फिर अपने लपेटे में ले लिया है, और मोदी का इस्तेमाल करके वे भारत की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर रहे हैं। इतना झूठ फैला रखा है कि लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि सच क्या है और इस फैलाए हुए अंधकार में लोगों ने जीना शुरू कर दिया है। ऐसे अजूबे ये छोड़ता है कि दुनिया उसी में उलझ जाती है और फिर इसके लुटेरे देश को लूट के ले जाते हैं। अगर तुम भाजपा भक्तों को बताओ, तो उन्हें लगता है कि तुम मूर्ख हो, और वो कुछ भी नहीं सुनना चाहते, खासकर मोदी की निंदा। उनको लगता है कि तुमने उनके भगवान की बैजती कर दी है। वैसे ये मुस्लिम लोगों से नफरत करते हैं, लेकिन इनको पाकिस्तान भारत का हिस्सा चाहिए। इन्हें कश्मीर चाहिए पर कश्मीरी नहीं चाहिए। इन्हें मंदिर चाहिए उसमें सारे हिंदू नहीं आने चाहिए। सबसे चंदा चाहिए, पर प्रसाद सिर्फ खुद के लिए चाहिए। ये हैं मोदी के हिंदू। इन मूर्खों से संवाद करना बहुत बड़ी मूर्खता होगी।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में औरतों की रक्षा की बात की, ये वही प्रधानमंत्री है जिसने उन औरतों को इंसाफ नहीं दिया जिन्होंने भारत का नाम रोशन किया, बल्कि अपने को बचाने के लिए, अपने ही देश की उस लड़की को गोल्ड मेडल जीतने से रोक लिया। उस खिलाड़ी ने सिल्वर मेडल जीता था, वो भी चला गया और मोदी की सरकार ने कोई कोशिश नहीं की उसे बचाने में ताकि मोदी को उस खिलाड़ी को देश के सामने सम्मान न देना पड़े। इसने बलात्कारियों और कातिलों को जेल से छुड़ाया और इसके लोगों ने उनको फूलों के हार पहनाए। ये नेता शिक्षा की बात करता है जिसने देश के हजारों स्कूल बंद करवा दिए। इसके झूठों की लिस्ट जो भाषण के दौरान मोदी ने दी इतनी लंबी थी कि कोई भी उसको देख सकता है ये नेता सच नहीं बोल सकता चाहे कितनी भी कोशिश करे। ये वो चीजें बोलता है अपने भाषण में जो इसके लोग इसको कहते हैं बोलने के लिए।

ऐसे हालात में अब इस देश को इन लोगों से बचाना बहुत जरूरी है। बहुत कम नेता होते हैं अरविंद, मनीष, हेमंत, सतिंदर, संजय जैसे जो इनकी धमकियों से नहीं टूटते। वे जेल में जाकर भी अपना काम करते हैं और जनता की सेवा करते हैं। ऐसे लोगों से क्रोनी बिजनेस वाले बहुत डरते हैं कि अगर ये सफल हुए तो वो खत्म हो जाएंगे। अडानी अंबानी के लिए ऐसे नेता कम्युनिस्ट्स से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं, क्योंकि अगर समाज सुधर जाए और पढ़ा-लिखा हो जाए तो लोग ऐसे बिजनेस वालों के गुलाम नहीं बनते। इनके लिए मोदी एक भगवान का भेजा हुआ मूर्ख नेता है जिसके कोई उसूल नहीं हैं। अपने मतलब के लिए वो कुछ भी बन जाता है। जेल में जाने वाले और न टूटने वाले नेता ऐसे नेता हैं जिन्होंने जेल में भी जाकर अपना प्रण नहीं तोड़ा और अपनी बेगुनाही का सबूत उन्होंने जेल में रहकर दिया, वो टूटे नहीं, क्योंकि उनको मालूम है कि वो सच्चे हैं। इनमें से तीन तो बाहर आ चुके हैं जो सबको इनकी अपनी ईमानदारी का सबूत दिया। अब राहुल को जेल भेजने की तैयारी कर रहे हैं मगर अब जनता इनको नहीं छोड़ेगी। राहुल को जेल भेजना इतना आसान नहीं होगा क्योंकि वो सवाल पूछता है इनसे। अब थोड़ा फंस गए हैं, पर मूर्खों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ये सब ईमानदार नेता देश को इनसे बचाने में लगे हैं। पर ये भी कहना पड़ता है कि मूर्खों के भी बहुत सारे दीवाने हैं जो इनके फैलाए अंधकार में जी रहे हैं, उनको तकलीफ होगी। देखो क्या होता है, लगता है वोटर्स को अब समझ आ रही है।

 

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