जब नागरिकों से वोट देने का अधिकार छीन लिया जाए, तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है
जब नागरिकों से वोट देने का अधिकार छीन लिया जाए, तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है
चुनिंदा
लोगों के नाम मतदाता
सूची से हटाने का
मतलब है उनसे अपनी
सरकार चुनने का अधिकार छीन
लेना। जब नागरिक अपना
यह अधिकार खो देते हैं,
तो सत्ता में बैठे लोगों
के खिलाफ उनकी आवाज़ भी
कमजोर पड़ जाती है।
और जब कोई सरकार
हिटलर की तरह निर्दयी
हो जाए, तो कौन
जानता है कि आगे
क्या हो सकता है?
नीचे
दिए गए वीडियो देखिए
और उन लोगों की
आवाज़ सुनिए जिनके मतदान के अधिकार खतरे
में हैं। कल्पना कीजिए
कि आप जिस देश
में पैदा हुए, जहाँ
आपने अपनी पूरी ज़िंदगी
बिताई, उसी देश में
अचानक आपसे वोट देने
का अधिकार छीन लिया जाए
और आपको यह साबित
करना पड़े कि आप
इसी देश के नागरिक
हैं।
लोकतंत्र
जनता का है, किसी
ऐसी सरकार का नहीं जो
हर कीमत पर सत्ता
में बने रहना चाहती
है।
Video 1: https://www.youtube.com/watch?v=7DLsb6FfoQQ
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